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Rajnath Singh

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With this purpose the government has initiated steps towards Corporatisation of OFB . I am sure this step will not only help do away the constraints of controlled pricing, but will also infuse corporate management practices and efficient systems.
If DPSUs and OFB are to compete at national and international level then the outdated practices will have to be done away with. We need to have modern management techniques, technology infusion and collaborative efforts to help the state defence industrial complex serve India.
We should not only be able to ensure the fulfilment of our national interests but also be able to help other people in times of need. Self-reliance in the defence sector is far more crucial than any other field.
We cannot depend on foreign governments, foreign suppliers and foreign defence products to meet our defence needs. It is not compatible with the objectives and feelings of a strong and ‘Atmanirbhar Bharat’
Security is its first priority for the development of any nation. It is known to all of us that the nations, which are able to protect themselves, they have been able to build their strong image at the global level.
Delighted to launch new products of DPSUs and OFB as part of celebration of ‘Atmanirbharta Saptah’. I firmly believe that DPSUs and OFB will be the prime drivers of the #AtmaNirbharBharatAbhiyan and contribute significantly to national security.
PM Shri @narendramodi is working towards promoting transparency, efficiency and ease of compliance in our tax system. I thank him for launching a platform for transparent taxation which would focus on faceless assessment and reducing hassles for taxpayers.#HonouringTheHonest
इसलिए यह domestic defence industry और state entities के लिए, एक अभूतपूर्व अवसर है, जो indigenous defence development and manufacture में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती हैं: रक्षा मंत्री
Retweeted by Rajnath Singh
रक्षा उत्पादन में indigenisation को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने 101 items की एक negetive list जारी की है। यह एक comprehensive list। MoD का अनुमान है कि अगले पाँच से सात वर्षों में domestic industries को लगभग चार लाख करोड़ (US $ 53 बिलियन) के order दिए जाएंगे: RM
Retweeted by Rajnath Singh
यह कदम एक तरफ controlled pricing के constraints को दूर करेगा, वहीं दूसरी ओर यह corporate management practices और efficient systems का लाभ देगा। यह OFBs के लिए एक challange और खुद को reinvent करने का एक अवसर है। मुझे कोई संदेह नहीं है कि आप इस प्रयास में सफल होंगे: रक्षा मंत्री
Retweeted by Rajnath Singh
अपने conceptualisation में यह एक progressive और forward looking कदम है। अगर government owned defence industries को national aur international level पर competition करना है, तो हम उन practices से बंधकर नहीं रह सकते हैं जिनकी आज कोई उपयोगिता नहीं है: रक्षा मंत्री
Retweeted by Rajnath Singh
हमारे state defence industrial complex ने वर्षों तक देश को अपनी सेवाएँ दी हैं । इसमें हमें modern management techniques, technology infusion और collaborative efforts की आवश्यकता है। इस उद्देश्य के साथ ही OFBs के corporatisation की दिशा में कदम उठाया गया है: रक्षा मंत्री
Retweeted by Rajnath Singh
नए स्वदेशी उत्पादों की impressive list, जो आज launch की गई है, मुझे विश्वास है कि रक्षा उपक्रम और आयुध निर्माणियाँ ‘आत्म निर्भर अभियान’ के prime drivers होंगे और वे राष्ट्रीय सुरक्षा तथा self-reliance के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे: रक्षा मंत्री
Retweeted by Rajnath Singh
आप लोगों की ओर से लिए गए इस initiative से, न केवल हम सबके बीच, बल्कि सभी देशवासियों को भी एक सकारात्मक संदेश गया है। Defence के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में कहीं अधिक मायने रखता है: रक्षा मंत्री
Retweeted by Rajnath Singh
हमें न केवल अपने राष्ट्रीय हितों की पूर्ति सुनिश्चित करने में सक्षम होना चाहिए, बल्कि जरूरत के समय में अन्य लोगों की भी मदद करने में सक्षम होना चाहिए: रक्षा मंत्री
Retweeted by Rajnath Singh
हम अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी सरकारों, विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और विदेशी रक्षा उत्पादों पर निर्भर नहीं रह सकते। यह एक मजबूत और 'आत्मनिर्भर भारत' के उद्देश्यों और भावनाओं के अनुकूल नहीं है: RM
Retweeted by Rajnath Singh
साथियों, किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए सुरक्षा उसकी पहली priority होती है। यह हम सब को मालूम है कि जो राष्ट्र स्वयं अपनी सुरक्षा कर सकने में समर्थ हैं, वही Global level पर अपनी मजबूत छवि बना पाने में कामयाब हुए हैं: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
Retweeted by Rajnath Singh
Greetings to everyone on the auspicious occasion of Shri Krishna Janmashtami. I pray for the well- being and good health of the people. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ!
मक़बूल शायर राहत इंदौरीजी के गुज़र जाने की खबर से मुझे काफ़ी दुख हुआ है। उर्दू अदब की वे क़द्दावर शख़्सियत थे।अपनी यादगार शायरी से उन्होंने एक अमिट छाप लोगों के दिलों पर छोड़ी है।आज साहित्य जगत को बड़ा नुक़सान हुआ है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके चाहने वालों के साथ हैं।
लोगों के साथ जुड़ना और उनके साथ सीधा संवाद करना सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उपराष्ट्रपति महोदय इस काम को लगातार कर रहे हैं। मैं वेंकैयाजी के बतौर उपराष्ट्रपति तीन सफल वर्ष पूरे होने पर उन्हें अपनी शुभकामनाएँ देता हूँ और उनकी पुस्तक के सफल प्रकाशन की कामना करता हूँ।
राज्य सभा के 249वें सत्र में कुल 32 विधेयक पारित किए गए, जो पिछले 17 वर्षो में किसी भी सत्र के मुकाबले सबसे अधिक थे। ऐसी उपलब्धि कर पाना सिर्फ उपराष्ट्रपति जी जैसे व्यक्ति, जो खुद भी एक मंझे हुए और अनुभवी Parliamentarian रहे है, के ही बस की बात हैं।
राज्य सभा के सभापति के रूप में उनका योगदान हमेशा एक मिसाल बन के रहेगा। वह सदन के कामकाज में Positive Change लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनकी कोशिश रंग भी ला रही है। राज्य सभा के सभापति के रूप में, उन्होंने सदन के सबसे Productive Sessions में से एक की अध्यक्षता की।
अपने पांच दशको से लम्बे राजनैतिक जीवन में उपराष्ट्रपति जी ने भारत में लोकतंत्र को मजबूत करने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया हैं। लोकतंत्र के प्रति यह उनकी प्रतिबद्धता ही थी की आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में उन्होंने हिस्सा लिया, जिसके नाते उन्हें 17 महीने जेल में काटने पड़े।
अपने शुरूआती दिनों में ही वेंकैया जी अपने मन में एक स्वाभिमानी भारत और सशक्त भारत के निर्माण का सपना लेकर काम कर रहे हैं। उनका यह सपना उनकी आंखों में आज पूरा होने की तरफ़ अग्रसर है। आज प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में स्वाभिमानी और सशक्त भारत का निर्माण होते वे देख रहे हैं।
बतौर उपराष्ट्रपति ही नहीं बल्कि सार्वजनिक जीवन में जब से मैं वेंकैयाजी को देख रहा हूं तब से वे लगातार connect, communicate और change करने के लिए काम कर रहे हैं।मेरी नजर में किसी व्यक्ति ने ‘चैरेवेति चरैवेति’ को अच्छी तरह ग्रहण किया है तो वह हमारे उपराष्ट्रपति जी ने ग्रहण किया है।
आज उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू के तीसरे वर्ष की उपलब्धियों को बयान करने वाली किताब ‘Connecting, Communicating and Changing : The Vice President of India, M. Venkaiah Naidu Three Years in Office' के विमोचन कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिला।
The Vice President of India, Shri @MVenkaiahNaidu has completed three years in office. Happy to attend the release of the book titled 'Connecting, Communicating, Changing', which chronicles his contribution to public life. @VPSecretariat
The ‘Atmanirbharta Saptah’ will be a witness to initiatives pertaining to modernisation & up-gradation of facilities by DPSUs & OFB. As part of Atmanirbharta Saptah, the DPSUs & OFB are also organising a series of webinars covering all relevant topics including all stakeholders.
The ban on imports of 101 items is a big step towards atmanirbharta. The list of negative items contains not only small items but weapon systems of high and critical technology. More such items will be added to this list shortly which will save crores of rupees in imports.
Attended the inaugural session of ‘Atmanirbharta Saptah’ via VC facility today. The govt. has made serval timely and thoughtful interventions during Covid-19 times like issuing negative list for import, increase in FDI limits and separate budget for domestic capital procurement.
Visited the Army Hospital (R&R) in New Delhi and met the Doctors to enquire about the health of former President Shri Pranab Mukherjee ji. I pray for his well being and speedy recovery.
कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को यह बता दिया है कि जो देश आत्मनिर्भर नही होंगे वे अपनी संप्रभुता की भी सही मायनों में रक्षा नही कर सकेंगे। भारत के सम्मान और संप्रभुता में हमारी सरकार किसी भी तरह की आंच नहीं आने देगी।
यह आत्मनिर्भर भारत कैसा होना चाहिए इसको लेकर किसी के मन में कोई भ्रम नही होना चाहिए। प्रधानमंत्रीजी के नेतृत्व में एक ऐसे आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होगा जो रोटी, कपड़ा, मकान के साथ साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में भी आत्मनिर्भर होगा।
2017 में जब प्रधानमंत्रीजी के नेतृत्व में चम्पारण सत्याग्रह के सौ साल पूरे होने पर देश में नए भारत के निर्माण का उद्घोष किया गया था। अब प्रधानमंत्रीजी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब हम नए भारत की नींव रखेंगे तो वह आत्मविश्वास से भरपूर होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी होगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस देश के ऐसे नेता है जिन्होंने देश और समाज हित से जुड़े मुद्दों को जनान्दोलन का रूप दिया है। आज देश में ‘स्वच्छ भारत अभियान’ एक जनान्दोलन के रूप में परिवर्तित हो चुका है। ‘गंदगी भारत छोड़ो’ का आवाह्न स्वच्छ भारत अभियान को नई दिशा और गति देगा।
‘अंग्रेजों भारत छोड़ो आन्दोलन की आज जब हम 78वीं वर्षगांठ मना रहे है तो हमें प्रधानमंत्री श्री @narendramodi द्वारा कल किए गए ‘गंदगी भारत छोड़ो’ के आवाह्न का भी स्मरण करना चाहिए और आठ अगस्त से पन्द्रह अगस्त तक स्वच्छता के राष्ट्रीय संकल्प के साथ जुड़ना चाहिए।
आज ‘है नमन उनको’ कार्यक्रम के माध्यम से ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन की ७८वीं वर्षगाँठ के दिन देश की आज़ादी के लिए त्याग और बलिदान करने वाले सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण एवं नमन किया।
आत्मनिर्भर भारत की मज़बूत नींव के लिए आत्मनिर्भर कृषि सबसे आवश्यक है।प्रधानमंत्री श्री@narendramodi ने १ लाख करोड़ के Agriculture Infrastructure Fund की शुरुआत करके किसानों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए प्रधानमंत्रीजी का हृदय से आभार। #AtmaNirbharKrishi
किसानों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम। #AatmaNirbharKrishi pscp.tv/w/cf43uzMyMjEx…
Retweeted by Rajnath Singh
I shall be paying tributes to all freedom fighters who have made tremendous contribution during India’s freedom struggle, while attending a programme organised later in the evening today, via video conference. Do watch! twitter.com/rajnathsingh_i…
अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की ७८वीं वर्षगाँठ पर मैं उन सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करता हूँ जिन्होंने भारत माता को आज़ाद कराने के लिए न जाने कितने कष्ट सहे, यातनायें सहीं फिर भी अपने लक्ष्य से कभी नहीं डिगे।देश की आने वाली पीढ़ियाँ भी उनके योगदान को हमेशा याद रखेंगी।
MoD has also bifurcated the capital procurement budget for 2020-21 between domestic and foreign capital procurement routes. A separate budget head has been created with an outlay of nearly Rs 52,000 crore for domestic capital procurement in the current financial year.
More such equipment for import embargo would be identified progressively by the DMA in consultation with all stakeholders. A due note of this will also be made in the DAP to ensure that no item in the negative list is processed for import in the future.
All necessary steps would be taken to ensure that timelines for production of equipment as per the Negative Import List are met, which will include a co-ordinated mechanism for hand holding of the industry by the Defence Services.
The embargo on imports is planned to be progressively implemented between 2020 to 2024. Our aim is to apprise the Indian defence industry about the anticipated requirements of the Armed Forces so that they are better prepared to realise the goal of indigenisation.
The list also includes, wheeled Armoured Fighting Vehicles (AFVs) with indicative import embargo date of December 2021, of which the Army is expected to contract almost 200 at an approximate cost of over Rs 5,000 crore. #AtmanirbharBharat
Of these, items worth almost Rs 1,30,000 crore each are anticipated for the Army and the Air Force while items worth almost Rs 1,40,000 crore are anticipated by the Navy over the same period. #AtmanirbharBharat
Almost 260 schemes of such items were contracted by the Tri-Services at an approximate cost of Rs 3.5 lakh crore between April 2015 and August 2020. It is estimated that contracts worth almost Rs 4 lakh crore will be placed upon the domestic industry within the next 6 to 7 years.
The list is prepared by MoD after several rounds of consultations with all stakeholders, including the Armed Forces, public & private industry to assess current and future capabilities of the Indian industry for manufacturing various ammunition & equipment within India.
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